भारत की जमीनी प्रथा
अंग्रेजो द्वारा नए तरह की भूमि व्यवस्ता बनाई गई ।
जमिदारी प्रथा
महलवाढी प्रथा
रैयातवाड़ी प्रथा
जमिदारी प्रथा क्या थी ?
अंग्रेज किसी किसान की जमीन को किसी जमीदार को दे देते
थे । और वो जमींदार किसानों से कर () वसूल कर के उस कर का 10/11 भाग अंग्रेजो को देता
था ओर 1/10 भाग अपने पास रखता था । अगर जमींदार समय पर कर वसूल () कर के अंग्रेजो को
नही देता तो उसके जगह किसी नए जमींदार को नियुक्त किया जाता था । इसे ही जमींदाई प्रथा
कहा जाता है ।
इस प्रथा के संथापक थे लार्ड कर्णवलिश ।
ये प्रथा भारत के लगभग 19% जगह पे लागू थी ।
जगह – बंगाल ,उत्तर प्रदेश का बनारस ,बिहार ,उड़ीसा
,मद्राश का कुछ हिस्सा ।
महलवाड़ी प्रथा क्या थी ?
इस प्रथा मे मलिकना हक पूरे गाँव को होता था । अर्थात
पूरे गाँव के लोग एक साथ कर इकट्ठा कर के() अंग्रेज सरकार को देते थे ।
इस प्रथा के संथापक थे हाल्ट मेकेनजी (Halt Makenji)
ये प्रथा भारत के लगभग 30% जगह पे लागू थी ।
जगह – आगरा ,अवध ,पंजाब ,मध्य प्रदेश ।
रैयातवाड़ी प्रथा प्रथा क्या थी ?
इस प्रथा मे जमीन का मालिक खुद किसान होता था ।ये थोड़ी
बेहतर प्रथा थी ।
इस प्रथा के संथापक थे टामस मुनरो और कैप्टन रीड़ ।
ये प्रथा भारत के लगभग 51% जगह पे लागू थी ।
जगह – दक्षिण के ज्यादातर स्थान ।



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