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मुद्रास्फीति Inflation क्या है ?
भारत मे अर्थव्यवस्ता Indian Economy in hindi भारतीय अर्थव्यवस्ता अंग्रेजो के समय ओर अंग्रेजो के बाद विश्व की आर्थिक प्रणाली राष्ट्रीय आय क्या होती है ? मुद्रास्फीति क्या है ? जब किसी देश की अर्थव्यवस्था मे सामान्य किमत का स्थर लगातार बढ़ने लगे और मुद्रा का मूलत कम हो जाए उसे मुद्रास्फीति कहते हैं । उदाहरण के लिए 2010 मे 100 रुपए मे जितना सामान आता था आज के समय मएउतन ही सामान लाने के लिए 200 रुपए लगेंगे तो हम ये कहेंगे की मुद्रास्फीति 100% बढ़ गया है । अगर अर्थव्यवस्था मे कीमत कुछ समय के लिए बढ़े फिर कम हो जाए फिर बढ़ जाए तो उसे मुद्रास्फीति नहीं कहेंगे । मुद्रास्फीति की कीमत लगातार बढ़ना चाहिए । एक निश्चित आय के लोगों पर मुद्रास्फीति का बहुत बुरा प्रभाव पड़ता है , क्यूंकि चीजों का मूल्य तो बढ़ता जाता है पार उनके आय मे कोई बढ़त नहीं होता इस प्रकार एक देश के लिए मुद्रास्फीति का बहुत बुरा प्रभाव पड़ता है । मुद्रास्फीति मुद्रा के क्रय समता का काम हो जाना । मुद्रा का मूल्य कम हो जाना । महंगाई बढ़ जाना । कारण बाजार मे आपूर्ति ( Supply ) का कम हो जाना...
मौद्रिक नीति क्या है ?
भारत मे अर्थव्यवस्ता Indian Economy in hindi भारतीय अर्थव्यवस्ता अंग्रेजो के समय ओर अंग्रेजो के बाद विश्व की आर्थिक प्रणाली राष्ट्रीय आय क्या होती है ? मुद्रास्फीति (Inflation) क्या है ? मौद्रिक नीति बाजार मे पैसे को कम या ज्यादा करने के क्रिया-विधि को मौद्रिक नीति कहते हैं । यह नीति मुद्रा की आपूर्ति को नियंत्रित रखता है । RBI बैंको को पैसे देता है पर जिस दर पर बैंको को कर्ज देता है या फिर जिस दर पे पैसा वापस लेता है यह RBI तय करता है और यह मौद्रिक नीति के आधार पर होता है । CRR (Cash Reserve Ratio) नगद आरक्षित अनुपात RBI के अनुसार बैंको के पास किसी भी रूप मे पैसा आए ( Saving ,Current ,FD, RD , etc ) उसे उसका 4% नगद के रूप मे रखना अनिवार्य है ,उसे CRR (Cash Reserve Ratio) कहा जाता है । अगर RBI CRR को कम या ज्यादा करे तो इससे बजार मे पैसा कम या ज्यादा हो सकता है । अगर महंगाई बढ़ जाती है तो RBI CRR को बढ़ा देगी जिससे बाजार मे पैसा कम हो जाएगा और महंगाई कम हो जाएगी । और जब RBI को बाजार मे पैसा बढ़ाना हो तो CRR को कमा देगी जिससे महंगाई ...
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