मौद्रिक नीति क्या है ?

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मुद्रास्फीति (Inflation) क्या है ?


मौद्रिक नीति


बाजार मे पैसे को कम या ज्यादा करने के क्रिया-विधि को मौद्रिक नीति कहते हैं ।

यह नीति मुद्रा की आपूर्ति को नियंत्रित रखता है ।

RBI बैंको को पैसे देता है पर जिस दर पर बैंको को कर्ज देता है या फिर जिस दर पे पैसा वापस लेता है यह RBI तय करता है और यह मौद्रिक नीति के आधार पर होता है ।

 

CRR (Cash Reserve Ratio)

नगद आरक्षित अनुपात

RBI के अनुसार बैंको के पास किसी भी रूप मे पैसा आए (Saving ,Current ,FD, RD , etc) उसे उसका 4% नगद के रूप मे रखना अनिवार्य है ,उसे CRR (Cash Reserve Ratio) कहा जाता है ।

अगर RBI CRR को कम या ज्यादा करे तो इससे बजार मे पैसा कम या ज्यादा हो सकता है ।

अगर महंगाई बढ़ जाती है तो RBI CRR को बढ़ा देगी जिससे बाजार मे पैसा कम हो जाएगा और महंगाई कम हो जाएगी ।

और जब RBI को बाजार मे पैसा बढ़ाना हो तो CRR को कमा देगी जिससे महंगाई बढ़ जाएगी और और बाजार मे पैसा भी बढ़ जाएगा ।

SLR (Statutory liquidity Ratio)

सांविधानिक तरलता मूल्य

RBI के अनुसार बैंको के पास आने वाले सारे पैसे (NDTL) का 19% बैंक चाहे सोने के रूप मे ,चाहे चांदी के रूप मे , चाहे नगदी के रूप मे और चाहे सरकार की प्रतिभूतियाँ के रूप मे रखना अनिवार्य है उसे SLR (Statutory liquidity Ratio) कहते हैं ।

Note :- बैंक CRR और SLR का उपयोग नहीं कर सकती ।

 

NDTL (Net Demand and Time Liability)

बैंको के पास के सारे पैसे चाहे वह किसी भी रूप मे आए (Saving ,Current ,FD, RD etc)उसे NDTL कहते हैं ।

 

Government Security:

जैसे आम लोगों को पैसे की जरूरत होती है तब वो कोई बैंक के पास जाता है वैसे ही अगर कभी सरकार को पैसे की जरूरत पड़ी तो वो RBI के पास जाता है और वहां से पैसे लेता है पर बदले मे सरकार को भी ब्याज देना पड़ता है ,तब सरकार एक कागज के रूप मे प्रमाण लिख कर RBI को देती है इसे ही Government Security कहते हैं ।

और इसी कागज को भारत सरकार की प्रतिभूतियाँ कहा जाता है ।

 

Repo Rate :

अल्पावधिक ऋण

कभी कभी बैंको को अपनी जरूरते पूरी करने के लिए पैसे की जरूरत पड़ती है । तब बैंक RBI से ऋण लेता है ।

जब कोई बैंक अपनी जरूरते पूरी करने के लिए RBI से बहुत कम समय के लिए पैसे ऋण मे लेता है और जिस दर पर RBI बैंको को बहुत कम समय के लिए ऋण देत है उसे ही Repo Rate कहा जाता है ।

अभी Repo Rete 4% चल रहा है ।

 

Reverse Repo Rete :

जब बैंको के पास अधिक पैसा हो जाता है तब वो कुछ समय के लिए अपने पैसे को RBI मे जमा कर देता है और बदले मे बैंको को ब्याज के रूप मे कुछ पैसे मिल जाते हैं , इसे Reverse Repo Rete कहते हैं ।

अभी Reverse Repo Rete 3.75 % चल रहा है ।

Bank Rate :

बैंक दर

जिस दर पर RBI बैंको को लंबे समय के लिए ऋण प्रदान करता है उसे बैंक दर या Bank Rate कहा जाता है ।

 

MSF (Marginal Standard Facility)

यह एक नया कानून है जो अनुसूचित बैंको के लिए 2011 मे पारित हुआ है ।

इस कानून के अनुसार अनुसूचित बैंको को एक विशेष अधिकार मिल है जिसके अंतर्गत अगर कोई अनुसूचित बैंक चाहे तो अपने Total NDTL का 2% और ऋण RBI से ले सकते हैं ।

इस ऋण के लिए बैंक सरकारी प्रतिभूतियाँ का उपयोग कर सकते हैं ।

यह ऋण कम समय के लिए दिया जाता है ।

 

Open Market Operation:

जब भारत सरकार RBI से ऋण लेता है तब बदले मे उसे Government Security देता है । RBI इस Government Security को बाजार मे बेचता है जिससे RBI के पास पैसा आता है ।

इन Government Security को बैंक खरीदते हैं क्यूंकि इससे उनको 8% का ब्याज मिलता है ।

RBI के पास पैसा जाने से महंगाई घटता है ।

इसे पूरे Operation को Open Market Operation कहा जाता है ।


 

 

 

 


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