ब्लैक होल (Black hole)
ब्लैक होल ( Black hole ) ब्लैक होल ( Black hole ) को अंतरिक्ष का दैत्य भी कहा जाता है । ब्लैक होल अंतरिक्ष का वो जगह है जहां भौतिकी ( Physics ) का कोई नियम काम नहीं करता । एक ब्लैक होल का गुरुत्वाकर्षण बल बहुत ज्यादा होता है । इसके खिचाव से कुछ नहीं बच सकता यहाँ तक की प्रकाश भी नहीं । प्रकाश एक ऐसे चीज है जो हर जगह जा सकती है पर ब्लैक होल के अंदर ये भी नहीं जा सकती । यहाँ समय भी अपने तरह से चलता है अर्थात यह पृथ्वी वाला समय नहीं चलता यहाँ समय धीमा चलता है । ब्लैक होल बनता कैसे है ? जब किसी तारे (स्तर ) का अंत होता है अर्थात जब कोई तारा मार जाता है तब उसका भार सूर्य के भार से 3 गुना अधिक हो जाता है । तारे के अंत होने के क्रम मे वो घना होता जाता है और ये धीरे-धीरे इतना घना हो जाता है की वो अंधेरा हो जाता और इसे देखा नहीं जा सकता । विज्ञान के अनुसार अगर कोई प्रदार्थ के बॉडी अगर बहुत घना हो जाता है तो यह अंतरिक्ष मे गहरी अनंत खाई के समान हो जाता है जिसे ब्लैक होल ( Black Hole ) कहा जाता है । अगर आप ब्लैक होल में गिर जाए तो क्या होगा ? सोचए आप एक अंतरिक्ष के सफर मे निकले ह...