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ब्लैक होल (Black hole)

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  ब्लैक होल ( Black hole ) ब्लैक होल ( Black hole ) को अंतरिक्ष का दैत्य भी कहा जाता है । ब्लैक होल अंतरिक्ष का वो जगह है जहां भौतिकी ( Physics ) का कोई नियम काम नहीं करता । एक ब्लैक होल का गुरुत्वाकर्षण बल बहुत ज्यादा होता है । इसके खिचाव से कुछ नहीं बच सकता यहाँ तक की प्रकाश भी नहीं । प्रकाश एक ऐसे चीज है जो हर जगह जा सकती है पर ब्लैक होल के अंदर ये भी नहीं जा सकती । यहाँ समय भी अपने तरह से चलता है अर्थात यह पृथ्वी वाला समय नहीं चलता यहाँ समय धीमा चलता है । ब्लैक होल बनता कैसे है ? जब किसी तारे (स्तर ) का अंत होता है अर्थात जब कोई तारा मार जाता है तब उसका भार सूर्य के भार से 3 गुना अधिक हो जाता है । तारे के अंत होने के क्रम मे वो घना होता जाता है और ये धीरे-धीरे इतना घना हो जाता है की वो अंधेरा हो जाता और इसे देखा नहीं जा सकता । विज्ञान के अनुसार अगर कोई प्रदार्थ के बॉडी अगर बहुत घना हो जाता है तो यह अंतरिक्ष मे गहरी अनंत खाई के समान हो जाता है जिसे ब्लैक होल ( Black Hole ) कहा जाता है । अगर आप ब्लैक होल में गिर जाए तो क्या होगा ? सोचए आप एक अंतरिक्ष के सफर मे निकले ह...

हमारा अंतरिक्ष Our Space in Hindi

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  हमारा अंतरिक्ष ( Our Space ) अंतरिक्ष हमेसा से ही एक रोचक विषय रहा है । लगभग सभी मनुष्यों का जिज्ञासा इसमे रहता है और यह है भी बहुत रोचक । बहुत से ऐसा तथ्व हैं जिसको हमे जानना है । हम आसमान मे जो कुछ भी देखते हैं वो सब अंतरिक्ष का एक छोटा सा हिस्सा है । वास्तव मे हमारा अंतरिक्ष हमारे सोच से भी बड़ा है। अंतरिक्ष वहां से शुरू होता है जहां से पृथ्वी का वातावरण समाप्त होता है । अंतरिक्ष हमारे चारों तरफ फैला हुआ है । अंतरिक्ष को अभी के किसी भी पैमानों से मापना संभव नही है इसलिए प्रकाश-वर्ष ( Light-Year ) और खगोलीय-एकाई जैसे नए पैमानों को अपनाया गया । प्रकाश-वर्ष (Light-Year) प्रकाश-वर्ष वो दूरी है जिसे प्रकाश 0 से 299.792.5(लगभग 3 लाख) किलो-मीटर प्रति सेकंड के गति के आधार पर सूर्य ओर पृथ्वी के बीच की औसात दूरी को तय करता है । आजकल यह सौरमंडल की दूरी को मापने के लिए एक मुख्य एकाई बन गया है । अंतरिक्ष मे कुछ ऐसे प्रकाश भी हैं जिसे हम देख नही सकते ओर कुछ ऐसे ध्वनि भी हैं जिसे हम सुन नही सकते । इस बात की पुष्टि तब हुई जब एक ब्रिटिश खगोलशास्त्री विलियम हर्षल ने इंफ्रा-रेड रेडीऐशन क...