ब्लैक होल (Black hole)

 

ब्लैक होल (Black hole)



ब्लैक होल (Black hole) को अंतरिक्ष का दैत्य भी कहा जाता है । ब्लैक होल अंतरिक्ष का वो जगह है जहां भौतिकी (Physics) का कोई नियम काम नहीं करता । एक ब्लैक होल का गुरुत्वाकर्षण बल बहुत ज्यादा होता है । इसके खिचाव से कुछ नहीं बच सकता यहाँ तक की प्रकाश भी नहीं ।

प्रकाश एक ऐसे चीज है जो हर जगह जा सकती है पर ब्लैक होल के अंदर ये भी नहीं जा सकती । यहाँ समय भी अपने तरह से चलता है अर्थात यह पृथ्वी वाला समय नहीं चलता यहाँ समय धीमा चलता है ।

ब्लैक होल बनता कैसे है ?

जब किसी तारे (स्तर ) का अंत होता है अर्थात जब कोई तारा मार जाता है तब उसका भार सूर्य के भार से 3 गुना अधिक हो जाता है । तारे के अंत होने के क्रम मे वो घना होता जाता है और ये धीरे-धीरे इतना घना हो जाता है की वो अंधेरा हो जाता और इसे देखा नहीं जा सकता । विज्ञान के अनुसार अगर कोई प्रदार्थ के बॉडी अगर बहुत घना हो जाता है तो यह अंतरिक्ष मे गहरी अनंत खाई के समान हो जाता है जिसे ब्लैक होल (Black Hole) कहा जाता है ।

अगर आप ब्लैक होल में गिर जाए तो क्या होगा ?

सोचए आप एक अंतरिक्ष के सफर मे निकले हैं और आपके सामने एक ब्लैक होल आ जाए और आप वहाँ गिर जाएं तो आपका क्या होगा ? सोचने मे ही बड़ा अजीब लग रहा होगा । ब्लैक होल मे गिरने से बहुत सारे चीजें हो सकती है । ब्लैक होल का खिचाव बहुत अधिक होता है जहां से प्रकाश से वापस नहीं अ सकती तो यह तो निश्चित है की अगर कोई वहाँ गिरे तो वापस नहीं आ सकता । अब सवाल ये है की ब्लैक होल के अंदर आपके साथ क्या होगा ?

यहाँ बहुत सारे संभवनाएं हैं

  • ब्लैक होल के अंदर अत्यधिक दवाब के कारण आपका शरीर मे बहुत ज्यादा बल महसूस होगा और आपके शरीर का कण-कण बिखर जाएगा और पल भर के अंदर ही आपकी जान चली जाएगी ।
  • यह भी हो सकता है की आप जीवन भर के लिए ब्लैक होल मे फस जाएं। जब एक विशाल तारा अपने अंत की ओर पहुचता है तो वो अपने ही भीतर समेटने लगता है , धीरे-धीरे वह भारी भरकम ब्लैक होल बन जाता है और अपने आस पास की सारी चीजों को अपने मे समेटने लगता है ।
  • यह भी हो सकता है की आप किसी दूसरे दुनिया मे निकलें । हो सकता है की ब्लैक होल के दूसरे तरफ एक अलग दुनीया हो एक अलग ब्रह्मांड हो । हो सकता है ब्लैक होल एक रास्ता हो जो एक आयाम को दूसरे आयाम से जोड़ता हो ।

यह कोई नहीं कहा सकता की ब्लैक होल के अंदर जाने से क्या होगा क्यूँ की वहाँ विज्ञान के सारे नियम खतम हो जाते हैं यह एक रहस्य है जो अब तक बना हुआ है ।

स्टीफन हॉकिंग का ईवेंट हराइज़न (Event Horizon)

ब्लैक होल के बाहरी हिस्से को ईवेंट हराइज़न कहा जाता है । Qunatum प्रभाव के चलते इससे गर्म कण टूट टूट कर ब्राहमंड मे फैलने लगते हैं ।

स्टीफन हॉकिंग के खोज के अनुसार हॉकिंग रेडीऐशन के चलते एक दिन ब्लैक होल पूरी तरह द्रव्यमान मुक्त होकर गायब हो जाते हैं । और इसे तरह अगर आप किसी ब्लैक होल मे फसे हो तो हो सकता है की आप किसी दूसरे दुनीया मे पँहुच जाएं । लकिन जो भी हो ब्लैक होल बहुत ज्यादा रहस्यों से भरा है ।

ब्लैक होल की खोज

अल्बर्ट आइंस्टीन ने पहली बार 1916 मे ब्लैक होल की भविष्यवाणी की थी । ब्लैक होल शब्द का प्रयोग 1967 मे एक अमीरिकी खगोलशास्त्री जॉन व्हीलर ने की थी । और 1971 मे इसे खोज गया था ।



पृथ्वी के सबसे निकट स्थित ब्लैक होल

वैज्ञानिकों ने पृथ्वी के सबसे निकट स्थित ब्लैक होल का पता लगा लिया है । यह पृथ्वी से लगभग 1000 प्रकाश वर्ष (Light Year) दूर है । European Southern Observatory ESO के खगोलविदों ने इसकी खोज की । यह ब्लैक होल वैज्ञानिकों को HR6819 सिस्टम के अध्ययन के दौरान मिल ।

दरअसल यह ब्लैक होल को संयोग से खोज गया । वैज्ञानिकों HR6819 सिस्टम का अध्ययन कर रहे थे । वे इस दो तारों के सिस्टम का अध्ययन कर रहे थे तभी उन्होंने पाया की एक तीसरा पिंड भी है । उन्होंने देखा की ये दोनों तारे एक सिस्टम के रूप मे एक ब्लैक होल का परिक्रमा कर रहे थे । फिर बाद मे बहुत खोज के बाद पाया गया की ये एक ब्लैक होल ही है ।

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