हमारा ब्रह्मांड Our Universe in Hindi
हमारा ब्रह्मांड
मानव सभ्यता के विकाश के साथ साथ सबसे ज्यादा सोध अगर
किसी चीज पर हुआ है तो वो है ब्रह्मांड
की उत्पाती ओर वे पदार्थ जिनसे ये ब्रह्मांड बना है । इस सवाल का उत्तर भारतीय
दार्शनिकों के साथ साथ यूनान के दार्शनिकों ने भी खोजने का प्रयास किया है । विश्व
का लगभग सभी सभ्यताओ ने अलग अलग समय मे ब्रह्मांड की उत्पाती और विकाश के बारे मे बताया है । भारतीय दार्शनिकों
और वज्ञानिकों के अनुसार पृथ्वी, जल ,अग्नि ,वायु ,और आकाश को बहुत पहले ब्रह्मांड
की निर्माण के लिए आवश्यक चीज बताया । जबकि यूनान के दार्शनिक और वज्ञानिक आकाश को
छोड़ कर बाकी सभी को ब्रह्मांड के निर्माण का आधार मानते हैं ।
Big Bang Theory
इसे महाविस्फोट
का सिद्धांत भी कहा जाता है ।इस सिद्धांत के अनुसार लगभग 13.7 खरब
वर्ष जब कुछ नही था तब एक विस्फोट हुआ तब से ब्रह्मांड लगातार फैल रहा है । जिसके
कारण आकाश गंगायें (Galaxy) लगातार एक दूसरे से दूर जा रही हैं ।
शुरू मे जब महाविस्फोट
हुआ तब ब्रह्मांड ऊर्जा से भरपूर था ओर बहुत ज्यादा गर्म था । धीरे-धीरे ब्रह्मांड
फैलता गया और ठंडा होता गया ओर धीरे-धीरे बर्फ बनने लगा ।
महाविस्फोट के बाद ब्रह्मांड के ठंडा होने के साथ-साथ
विभिन्न प्रकार के आकार बनने की प्रक्रिया शुरू हो गई जिसे सितारा (Star), आकाशगंगा (Galaxy), निहारिका (Nebula )कहा जाता है ।
आज के समय मे ब्रह्मांड मे हर आकार के के आकाशीय पिंड
ग्रह ,उपग्रह ,आकाशगंगाए उपस्थित हैं । ब्रह्मांड मे सभी कण के द्रव्यमान के लिए God Particle उत्तरदाई
है।
प्रयोग से या सिद्ध हुआ है की ब्रह्मांड मे दृश्य
प्रदार्थ के अलावा कुछ अदृश्य प्रदार्थ भी हैं जिसे Dark Matter कहा जाता है । Dark
Matter किन कणो से मिल कर बना है यह आज तक पता नही चला है। इसके
अलावा ब्रह्मांड के लगातार फैलने के लिए Dark Energy को जिम्मेदार माना जाता है ।
अभी तक हमे ब्रह्मांड का लगभग 4% दृश्य प्रदार्थ का
ही ज्ञान है । आशा है की भविष्य मे हमे और अधिक ब्रह्मांड के बारे मे पता लगेगा ।



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