आकाशगंगा (Galaxy) की सम्पूर्ण जानकारी

 

आकाशगंगा (Galaxy) की सम्पूर्ण जानकारी

आकाशगंगा तारों का विशाल पुंज है जो गुरुत्वाकर्षण बल के कारण एक दुरसे से बंधे हुए हैं ये आकाशगंगायें आकार मे इतने बड़े होते हैं की अगर हम प्रकाश की गती (Light speed) मे भी इसके एक छोर से दुरसे छोर मे जाने का प्रयास करे तब भी हमे कई लाखों साल लग सकते हैं



हम पृथ्वी नामक एक ग्रह मे रहते हैं जो हमारे सौर मण्डल का एक हिस्सा है और हमारा सौर मण्डल मिल्की वे (milky wey) नामक गैलक्सी का छोटा सा हिस्सा है और हमारे आकाशगंगा मिल्की वे के बीच मे एक बहुत बड़ा ब्लैक होल (Black hole) भी है जो अपने विशाल गुरुत्वाकर्षण के कारण सब को एक साथ बांध कर रखा है। और हमारा मिल्की वे अपने पूरे परिवार के साथ मिलकर ब्राहमंड का परिक्रमा कर रहा है  

पहली बार ब्रह्मांड मे विस्फोट के बाद पदार्थों का विस्तार हुआ और आकाश मे गैस से बने खरबों आकाशगंगायें बन गए अभी इस आकाशगंगाओं मे तो कोई पिंड था ओर ही कोई सूर्य बस इसमे गैस ही था इन्हे अधिमंदाकिनी कहा जाता था ये अधिमंदाकिनी अपने ही गती मे घूमने लगे जो अधिमंदाकिनी धीरे-धीरे घूमते रहे उनका आकार लगभग गोल रहा और बाकी भिन्न भिन्न प्रकार मे बने इनकी लंबाई इनके घूमने के आधार पर निर्भर थी बहुत से अधिमंदाकिनी की घूमने की गती इतनी तेज थे की उनका आकार एक डिस्क (Disk) के जैसे बन गया और इन डिस्क (Disk) के किनारों से सर्पीले भुजायें निकली इन सर्पीले भुजाओं का निर्माण बची हुई गैस ,और धूल-कणों से हुई इस प्रकार आकाशगंगा विभिन्न प्रकार के आकारों और रूपों मे तैयार हुई


जैसे-जैसे अधिमंदाकिनी स्थिर होने लगे तब यहाँ नक्षत्र बनने की प्रक्रिया सुरू होने लगी गैस और धूल-कण गुरुत्वाकर्षण बल के कारण एक दुरसे से जुडने लगे और इस तरह के संकुचन के फलस्वरूप गैसीय गोलो का तापमान धीरे-धीरे बढ़ने लगा और इनकी गरम सतह से गरम तरंग अब दिखने लगा था

जब इन गरम गोलो का केन्द्रीय वायुमंडल (Core) का तापमान लगभग 10 करोड़ डिग्री सेन्ट्रीग्रेट तक पहुच गई तब संकुचन कि प्रक्रिया रुक गई ओर नक्षत्रों के रूप मे करोड़ों गोलों का जन्म हुआ जब तारे निकले तब पहले की अंधेरी अधिमंदाकिनी अब पूरी चमकीली आकाशगंगा मे बदल गई थी  

हमारे आकाशगंगा का नाम मिल्की वे (Milky wey) है हमारे मिल्की वे के सबसे निकट 2 आकाशगंगा हैं  : -

बृहद मैगलेनिक बादल (Large magellanic Cloud ) और

लघु मैगलेनिक बादल ( Small magellanic Cloud)

बृहद मैगलेनिक बादल मे लगभग 5 से 10 अरब तारें हैं और लघु मैगलेनिक बादल मे लगभग 1 से 2 अरब तारों की आबादी है इन समूह मे एंड्रोमिडा (Andromeda) नामक एक बड़ी आकाशगंगा है एंड्रोमिडा गैलक्सी बहुत तेजी से हमारी ओर रहा है और लगभग 4.5 करोड़ साल बाद ये हमारे गैलक्सी मिल्की वे से टकरा जाएगा ओर एक नए गैलक्सी मिलकोमेड (Milkomeda) नामक नए और विशाल गैलक्सी का जन्म होगा

हाल ही मे एक बामन मंदाकिनी का पता आस्ट्रेलिया ने लगाया है ये कोरोना मे स्थित है और इसमे बहुत अधिक धुंधले तारों का समूह है

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